Sunday, April 29, 2012

HTET Haryana : हरियाणा सरकार को शिक्षकों ने दी धमकी


HTET Haryana : हरियाणा सरकार को शिक्षकों ने दी धमकी


हरियाणा सरकार को पात्र शिक्षकों ने 1 मई को हजारों की संख्या में सीएम सिटी रोहतक में सामूहिक रूप से आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। पात्र शिक्षक 4 साल का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में छूट के फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। 

सरकार के फैसले से सख्त नाराज पात्र शिक्षकों ने शनिवार को प्रदेश की एजुकेशन मिनिस्टर गीता भुक्कल से मुलाकात की और उनके सामने अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि ये टीचर रेगुलर टीचरों की भर्ती में 4 साल का अनुभव रखने वाले टीचरों को पात्रता टेस्ट से छूट देने के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। इन टीचरों ने मंत्री से सरकार का फैसला वापस लिए जाने की मांग की। इस पर मंत्री भुक्कल ने भरोसा दिया कि वे इस मामला को मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगी और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करेंगी। 

बैठक के बाद पात्र शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजंेद्र शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि 1 मई को प्रदेश के हजारों पात्र शिक्षक रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। मंत्री से मिलने वाले शिक्षकों के शिष्टमंडल में अर्चना सुहासिनी, प्रेम अहलावत, अनिल अहलावत, राकेश कुमार, संदीप कुमार, गुरदीप, जसपाल, रविंद्र आदि शामिल थे। 




शिक्षकों का प्रदर्शन जारी :-


दूसरी तरफ, पंचकूला स्थित एजुकेशन डायरक्ट्रेट पर पात्र शिक्षक संघ का विरोध-प्रदर्शन 10वें दिन भी जारी रही। संघ की महिला विंग की अध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने सभा में कहा कि सरकार के नए सर्विस रूल असंवैधानिक हैं, और पात्र शिक्षकों के साथ धोखा है। सरकार रेगुलर भर्ती के नाम पर पिछले डेढ़ साल से बेरोजगारों को बेवकूफ बना रही है। सरकार जहां एक तरफ राइट टू एजुकेशन और विमेन इम्पॉवरमेंट का राग अलाप रही है, वहीं एलिजिबल यूथ के साथ मजाक कर रही है। इस मसले पर प्रदेश प्रवक्ता प्रेम अहलावत ने बताया कि रोहतक में महाबलिदान रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अगर सरकार अपने अडि़यल रवैये पर कायम रही तो प्रदेश के हजारों पात्र शिक्षक अपने जीवन की आहुति देने से नहीं हिचकेंगे। 

News : NavBharat Times ( 29.4.12)

HTET : नहीं तो 1 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे अध्यापक


HTET Haryana: नहीं तो 1 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे अध्यापक

हिसार -पात्र अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल से मिला और उन्हें संघ की सभी मांगों को 1 मई से पहले पूरा करने की बात कही। संघ की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने शिक्षा मंत्री को कहा कि अगर पात्रता परीक्षा पास न करने वालों को भी शिक्षक भर्ती में शामिल किए जाने के नियम को सरकार वापस नहीं लेती तो वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई के दिन रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे।

उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री ने उनकी 2 मुख्य मांगों पर जल्द विचार कर उन्हें सूचना देने का आश्वासन दिया है। इनमें मुख्य रूप से 12 सप्ताह की गर्भवती महिलाओं के शिक्षक भर्ती में शामिल न किए जाने के नियम को खत्म करने की है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी स्कूलों के 4 साल के शैक्षिक अनुभवी शिक्षकों को सरकार की नियमित भर्ती में योग्य न मानने की मांग पर जल्द मुख्यमंत्री से विचार मंथन करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि 1 मई के संघ के कार्यक्रम को सफल रूप देने और सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए वे प्रदेश के हर जिले में पात्र अध्यापकों से संपर्क कर रहे हैं। 

इसके अलावा पंचकूला स्थित शिक्षा सदन पर भी 19 अप्रैल से पात्र अध्यापकों द्वारा शोक सभा की जा रही है, जो 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की सरकार ने वर्ष 2008 में प्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा लागू की थी। पात्रता परीक्षा को लागू करने वाली सरकार अब अध्यापक भर्ती में एचटैट की छूट देकर चार वर्ष के अनुभव रखने वाले शिक्षकों को मौका दे रही है। ऐसा नियम गैर सवैधानिक है और पात्र अध्यापकों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह नियम बनाकर सीधे रूप से अतिथि अध्यापकों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में 12 सप्ताह की गर्भवती महिला को नौकरी के लिए अस्थाई रूप से अनफिट घोषित कर महिलाओं का घोर अपमान किया है। इस सर्विस रूल को भी संघ किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। शिक्षा मंत्री से मिलने गए संघ के प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, अनिल एहलावत, गुरदीप, राकेश, रविन्द्र, प्रेम एहलावत व जसपाल उपस्थित थे।

News : ramatimes.com / http://ramatimes.com/?p=38198

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It is really shocking to hear. And a solution should be come out as a remedy measure to stop this type of thinking/incident to happen.

Tuesday, April 24, 2012

HTET / Haryana Teachers : 27 अप्रैल को प्रदर्शन करेंगे अध्यापक संघ के सदस्य

HTET / Haryana Teachers : 27 अप्रैल को प्रदर्शन करेंगे अध्यापक संघ के सदस्य
यमुनानगर, जागरण संवाद केंद्र : मांगों को लेकर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ 27 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रदर्शन करेगा। यह जानकारी संघ के प्रांतीय मुख्य सलाहकार जरनैल सिंह सांगवान प्रचार सचिव महीपाल चमरोड़ी ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

महीपाल चमरोड़ी ने बताया कि 27 अप्रैल को अनुबंध आधार पर शिक्षकों की भर्ती के विरोध में तथा नियमित आधार पर व पूरा वेतन, भतों सहित शिक्षकों की भर्ती की जाए के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्कूलों में एजूसेट के माध्यम से क्वालिटी शिक्षा प्रदान करने के दावों को कंप्यूटर के माध्यम से शिक्षा, जिस पर लगभग 1500 करोड़ रुपये बर्बाद किए गए और अब सरकार ने बाल शिक्षा अधिकार कानून 2009 तो लागू करने की घोषणा कर दी है, लेकिन 40 हजार के लगभग शिक्षकों को भर्ती करने में जानबूझ कर ऐसे अड़ंगे डाले जा रहे हैं कि पूरे वेतन पर अध्यापक भर्ती ही न करने पड़े।

इससे पहले भी सरकार ने पंचायती राज इंस्टीट्शन के तहत 6733 प्राथमिक अध्यापक फिक्स वेतन पर भर्ती किए थे, जो अब संघर्ष के बलबूते पर पक्के हो चुके हैं। पदोन्नति के हजारों पद वर्षो से खाली पड़े है, उनकी तरफ सरकार चुप्पी साधे है।

News : Jagran ( 24.4.12)

Monday, April 23, 2012

HTET Haryana : 25 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द


HTET Haryana : 25 हजार शिक्षकों की भर्ती जल्द

चंडीगढ़, जागरण ब्यूरो : प्रदेश के शिक्षा विभाग द्वारा 25 हजार अध्यापकों की भर्ती के लिए प्रारूप तैयार कर शिक्षक भर्ती बोर्ड को भेज दिया गया है। बोर्ड जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा। शिक्षा विभाग में 15 हजार अध्यापकों की भर्ती स्कूल शिक्षा के लिए और दस हजार अध्यापकों की भर्ती मौलिक शिक्षा के लिए नियमित आधार पर की जाएगी। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से योजनागत और गैर योजनागत मद के तहत चालू वित्त वर्ष में 8245.58 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2011-12 से 1369.59 करोड़ अधिक है। स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार कानून के तहत हरियाणा राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी रूल्स 2011 की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। प्रदेश में राइट टू एजूकेशन के सभी पहलुओं को केंद्र सरकार के निर्देशानुसार लागू किया जाएगा। सरों ने बताया कि प्रदेश में गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों को बेहतर दर्जे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। झज्जर जिले के सिलानी केसो गांव में राष्ट्रीय स्तर का टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू भी कर दिया गया है। स्कूलों के प्राचार्यो को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा शैक्षणिक रूप से पिछड़े 36 खंडों में आरोही स्कूल खोले गए हैं। इसके साथ-साथ प्रदेश के प्रत्येक शैक्षणिक खंड में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी स्थापित हो चुके हैं। 9 खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शुरू हो चुके हैं और 27 खंडों में चालू वित्तवर्ष के दौरान शुरू हो जाएंगे। चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रथम चरण में यमुनानगर, करनाल, जींद, झज्जर और रोहतक में 15 आदर्श विद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव है

Haryana / HTET : अनुबंध आधार पर ही होगी शिक्षक भर्ती


Haryana / HTET : अनुबंध आधार पर ही होगी शिक्षक भर्ती


चंडीगढ़, 23 अप्रैल। हरियाणा के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती करने को लेकर प्रदेश सरकार कोई दिशा तय नहीं कर पा रही है। सरकार अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि उसे करना क्या है। कभी नियमित भर्ती की बात करती है तो कभी कांट्रेक्ट (अनुबंध) आधार पर शिक्षक रखने का फैसला लिया जाता है। हरियाणा में शिक्षा विभाग द्वारा संशोधित किए गए सेवा नियमों ने एक बार फिर से सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में 25 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की तैयारी में सरकार जुटी है किंतु यह भर्ती अनुबंध आधार पर होगी।
सरकार अगर इसी तरह से बार-बार नियम बदलती रही तो आने आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में तस्वीर कुछ बदली-बदली सी नजर आ सकती है। चूंकि अभी कुछ ऐसे नियम हैं, जो अधिसूचित किए जाने हैं और कुछ अधिसूचित किए जा चुके हैं। जो नियम अधिसूचित किए जा चुके हैं, उन्हें एक बारगी देखने से तो ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में तीन तरह के शिक्षक मौजूद होंगे। एक वो जो पूर्णतया स्थाई हैं और उन्हें तमाम तरह की सुविधाएं सरकार से मिल रही हैं। दूसरे वो जो गेस्ट टीचर के नाम पर जाने जाते हैं और उन्हें एकमुश्त वेतन दिया जाता है। उनकी संख्या प्रदेशभर में लगभग 15000 के आसपास हैं। तीसरे वो अध्यापक हैं, जो पांच साल के अनियमित आधार पर बेसिक पे + ग्रेड पे व साल दर साल वेतनवृद्धि पर लगाए जाएंगे और हर साल उनका मूल्यांकन होगा। इस सबके बावजूद देखने में यह भी आ सकता है कि आज अलग-अलग मोर्चे पर लड़ रहे गेस्ट टीचर व पात्र अध्यापक शायद एक ही मंच पर आ जाएं।

खैर, यह सब तो भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल हम चर्चा कर रहे हैं हाल ही में टीचर भर्ती के लिए बनाए गए नए नियमों की, जिनमें स्पष्ट लिखा है कि भर्ती ठेके पर होगी और 5 साल के लिए होगी, जिसमें प्रत्येक वर्ष भर्ती किए गए शिक्षक का मूल्यांकन होगा। यहां यह भी बता देना आवश्यक है कि हो सकता है कि कुछ अध्यापक को प्रथम वर्ष पूरा होने पर ही पैवेलियन लौटना पड़े और यह सिलसिला जारी रहे। परंतु फिर भी लगातार मूल्यांकन होगा और पांच साल मूल्यांकन करने के बाद अगर उक्त शिक्षकों को रखा गया तो अगला साल भी ‘प्रोबेशन पीरियड’ का होगा। उसके बाद तय होगा कि भर्ती किए गए शिक्षक रेगुलर आधार पर रखे जाने योग्य हैं या नहीं। गजब की बात तो यह है कि इस दौरान इन भर्ती किए गए शिक्षकों को बेसिक पे + ग्रेड पे ही मिलेगी व प्रतिवर्ष 3 प्रतिशत की वेतन वृद्धि के अलावा अन्य कोई भी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी। हां, बस छुट्टियां जरूर दस मिलेंगी और महिला शिक्षकों को ‘मेटरनिटी लीव’ भी मिलेगी। यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार को अनुबंध आधार पर ही शिक्षक नियुक्त करने थे तो फिर शिक्षक भर्ती बोर्ड का गठन करने की क्या जरूरत थी?
कांट्रेक्ट पर पहले से है लफड़ा : यहां यह बता दें कि हरियाणा में पहले भी सरकार द्वारा पंद्रह हजार से अधिक गेस्ट टीचर कांट्रेक्ट पर लगाए हुए हैं। गेस्ट टीचरों का विवाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है। हाईकोर्ट तो इन शिक्षकों को तुरंत रिलीव करने के आदेश भी दे चुकी है किंतु सुप्रीम कोर्ट से प्रदेश सरकार को थोड़ी राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को करीब एक वर्ष का समय देते हुए नियमित शिक्षकों की भर्ती करने के आदेश दिए हैं। उधर, हरियाणा पात्रता परीक्षा पास शिक्षक गेस्ट टीचरों को हटाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में अगर फिर से सरकार शिक्षकों की भर्ती कांट्रेक्ट पर ही करेगी तो भविष्य में उनको लेकर दिक्कत नहीं होगी, इसकी क्या गारंटी है।



हरियाणा सरकार ने शिक्षा का मजाक बना दिया है। शिक्षा विभाग को एक प्रयोगशाला बनाया हुआ है। अनुबंध आधार पर तो शिक्षकों की भर्ती पहले भी की हुई है। ऐसा लगता है मानो सरकार शिक्षा विभाग का भी निजीकरण करना चाहती है।    
-कृष्ण कुमार निर्माण, हरियाणा राजकीय विद्यालय संघ
अनुबंध का जमाना तो बहुत पीछे जा चुका है। अब तो सरकार को चाहिए कि शिक्षा जैसी बुनियादी चीज, जहां बच्चों की प्रतिभा उभरती है वहां नियमित भर्ती हो। जिस शिक्षक को लगातार पांच-छह वर्ष तक अपने भविष्य की ङ्क्षचता सताएगी, वह पढ़ाई पर ध्यान कैसे दे पाएगा।
    -राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, पात्र अध्यापक संघ
 शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा सरकार रोज नए-नए फार्मूले अपना रही है। प्राइमरी एजुकेशन का स्तर दिन-प्रतिदिन गिर रहा है। हालात यह है कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षा की भी पचास प्रतिशत से अधिक सीटें रिक्त पड़ी हैं। यूनिवर्सिटी खोलने से शिक्षा का स्तर नहीं सुधरा करता। जरूरत तो इस बात की है कि मौजूदा व्यवस्था में ही सुधार किया जाए। सरकार के कुप्रबंधन की वजह से देश के कर्णधारों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
    -अजय सिंह चौटाला, इनेलो प्रधान महासचिव
शिक्षा में सुधार के लिए हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है। शिक्षकों की भर्ती अनुबंध आधार पर जरूर हो रही है किंतु उन्हें सभी सुविधाएं मिलेंगी और भर्ती भी शिक्षक भर्ती बोर्ड द्वारा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में भी शिक्षकों की भर्ती अनुबंध आधार पर ही की जा रही है। पांच वर्ष के अनुबंध के बाद शिक्षकों के काम को देखते हुए उन्हें नियमित कर दिया जाएगा। शिक्षकों की परफार्मेंस व गुणवत्ता बढ़ाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
    -गीता भुक्कल, शिक्षा मंत्री, हरियाणा


News : Denik Tribune / dainiktribuneonline.com (23.4.12)

Saturday, April 21, 2012

HTET : Collective immolation threat by eligible teachers in Haryana


HTET : Collective immolation threat by eligible teachers in Haryana

Eligible teachers of Haryana today burnt the photocopies of their certificates after taking out a march in the town. Haryana Patra Adhyapak Sangh President Rajendar Sharma served an ultimatum to the government to accept their demand by May one otherwise they would resort to collective self-immolation in Rohtak on the same day at Savindhan Sthal and the government would be held responsible for this mass act of immolation.
These teachers were arrested yesterday under section 107/151, before they could show black flags to the chief minister and later bailed out.

Eligible teachers women wing president Archana Suhasini said, "The government has done a great injustice to us by appointing guest teachers who have not passed the eligibility test but have four years experience of teaching. If the government has to appoint teachers without their passing the eligibility test then why the condition of this test was laid. The judiciary has also not favoured the decision of the government to regularise the guest teachers who have not cleared the test," he added.

The restive teachers urged the government to advertise the vacancies and appoint those who had passed the state teachers' eligibility test. The angry teachers raised slogans against the government and sought justice.

News : Hindustan Times (15.4.12)

HTET : नयी शिक्षक भर्ती नीति के विरोध में उतरे शिक्षक संगठन


HTET : नयी शिक्षक भर्ती नीति के विरोध में उतरे शिक्षक संगठन
(Teachers organization oppose New Teachers Recruitment Policy )

कैथल, 21 अप्रैल (निस)। हरियाणा सरकार द्वारा शिक्षकों की नई भर्ती में शिक्षकों को कान्ट्रेक्ट पर रखने तथा पांच साल बाद एक वर्ष के प्रौबेशन पर रखने के निर्णय के विरोध में शिक्षक संगठन उतर आए हैं। सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए शिक्षक संगठनों ने कड़े संघर्ष के द्वारा विरोध जताने का निर्णय लिया है, जिसके तहत जहां हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ ने 23 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित कर संघर्ष की रूप रेखा तय करने का निर्णय लिया है वहीं अपने इस संघर्ष में छात्रों को भी शािमल करने की घोषणा की है।
संघ के संगठन सचिव बलबीर सिंह  व जिला सचिव सतबीर गोयत ने बताया कि सरकार के इस निर्णय का संघ ने कड़ा विरोध जताया है और सरकार की इस प्रकार से शिक्षा व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ करने की मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी।
उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा ने भी सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। जिला कैथल प्रधान रोशन लाल पंवार ने रैगुलर भर्ती के स्थान पर इस भर्ती नीति की आलोचना करते हुए सरकार के खिलाफ आन्दोलन करने की चेतावनी दी और कहा कि इस गम्भीर विषय पर आन्दोलन की रूपरेखा तय करने के लिए संघ की राज्यस्तरीय बैठक जीन्द में 22 अप्रैल को बुलाई गई है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने  हमेशा  नियमित भर्ती का समर्थन किया है और सरकार के इस आदेश को नादिरशाही फरमान की संज्ञा दी है जिसे यदि वापस नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक सरकार का हर मोर्चे पर पूरा विरोध करेंगे।


उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा नई भर्ती में अध्यापकों पद ठेके पर भरे जाने तथा पूरा वेतन न देकर केवल बेसिक पे तथा ग्रेड पे देने का प्रावधान है जिसमें अध्यापकों को अन्य सभी लाभों से वंचित किया जाएगा तथा पांच साल की सन्तोषजनक सेवा के बाद ही नियमित करने का प्रावधान है।

News : Denik Tribune (22.4.12)