Saturday, November 29, 2014

Shikshak Bhrtee Ghotatala : HTET Pass Certificate Bager Exam Diye Milaa

 जेबीटी शिक्षक भर्ती : बगैर परीक्षा ली डिग्री
 Shikshak Bhrtee Ghotatala : HTET Pass Certificate Bager Exam Diye Milaa

 Candidates Received HTET Pass Certificate Without Apearing in Exam


JBT (Junior Basic Teacher), HTET, 


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सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार द्वारा वर्ष 2010 में किए गए जेबीटी के फर्जीवाडे से चयनित शिक्षकों पर संकट के बादल मंडराने लगे है, क्योंकि अध्यापक पात्रता परीक्षा में धांधली का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचने पर अदालत के आदेश पर जांच शुरू हो गई, जिसमें पात्रता परीक्षा पास करने वाले सभी शिक्षकों के अंगूठों का मिलान अनिवार्य था।जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के जांच दल द्वारा करीब 6 हजार शिक्षकों के अंगूठों का मिलान किया गया, जिसमें भिवानी के 802, हिसार के 425, रोहतक के 201, झज्जर के 83, कुरूक्षेत्र के 18, पलवल के 5, अंबाला के 8, यमुनानगर के 2, सोनीपत के 124, गुडग़ांव के 88, फरीदाबाद के 55, पानीपत से 45, करनाल के 108, नारनौल के 14 तथा फतेहाबाद के 68 जेबीटी शिक्षकों के अंगूठों का मिलान पात्रता परीक्षा के साथ नहीं हुआ है।
जांच दल के समक्ष कुछ ऐसे भी मामले आए है, जिनमें डिग्री हासिल करने वाले पात्र शिक्षक का फोटो भी परीक्षा फार्म पर लगे फोटो से मेल नहीं खाता था। जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले के उजागर होने का ठीकरा सरकार ने आईपीएस अधिकारी लायक राम डबास पर फोडा और उन्हें अपने से हटाना पड़ा था। शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा जिलावर नियुक्त हुए जेबीटी शिक्षकों के अंगूठे का मिलान करवाया जा रहा है। दरअसल वर्ष 2008 में एक बार और वर्ष 2009 में दो बार पात्र परीक्षा का आयोजन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा किया गया।
शिक्षा बोर्ड ने जब यह परीक्षाएं ली थी, तो आवदेन फार्म में इस बात का स्पष्ट उल्लेख था कि पात्रता परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों को डिग्री अंगूठों के निशान की जांच उपरांत दी जाएगी, मगर उनकी अनदेखी की गई थी। वर्ष 2010 में हुड्डा सरकार ने लगभग 9600 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती का रिजल्ट 16 सितंबर 2010 को जारी किया और इसमें 8401 का चयन हुआ। चयन में धांधली को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी गई, तो हाईकोर्ट के आदेश पर जांच शुरू हुई है।


Saturday, November 22, 2014

HTET जेबीटी भर्ती का मामला दूसरी बेंच को रेफर

HTET  AMARUJALA NOV 22-जेबीटी भर्ती का मामला दूसरी बेंच को रेफर

November 22, 2014 05:40 AM
 HTET  जेबीटी भर्ती का मामला दूसरी बेंच को रेफर



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जस्टिस दीपक सिब्बल सुनवाई से हटे
ओम प्रकाश चौटाला के शासनकाल में 3026 शिक्षकों की हुई भर्ती



सुरजीत सिंह सत्ती
चंडीगढ़। ओम प्रकाश चौटाला शासनकाल में 3206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के मामले की सुनवाई लटक गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक सिब्बल जेबीटी भर्ती के मामले की सुनवाई से हट गए हैं। जस्टिस एसके मित्तल ने यह मामला दूसरी बेंच को रेफर कर दिया है। हालांकि, सुनवाई की अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है।
जस्टिस एसके मित्तल और जस्टिस दीपक सिब्बल के पास मामला सुनवाई के लिए आया। इससे पहले कि हरियाणा सरकार कुछ तथ्य पेश करती, बेंच ने मामला दूसरी बेंच को रेफर कर दिया।
बेंच ने अपने फैसले में कहा है कि जस्टिस सिब्बल इस मामले में बेंच के मेंबर नहीं हैं, इसलिए मामला दूसरी बेंच को भेजा जा रहा है।
जस्टिस सिब्बल इस मामले में एक पक्ष की ओर से पैरवी कर चुके हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले एक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि इन शिक्षकों के लिए कोई ठोस नीति निर्धारण में नई सरकार ही समर्थ होगी। बेंच ने कहा था कि राज्य में चुनाव होने हैं। सरकार चुनाव से पहले जल्दबाजी में कोई नीति बनाती भी है तो इसका ठोस परिणाम नहीं निकलेगा। नई सरकार इस दिशा में बेहतर नीति निर्धारण कर सकेगी।
इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने सरकार को नीति बनाने के लिए समय दिया था और शिक्षकों को हटाने पर रोक जारी रखी थी। इसके साथ सुनवाई 20 नवंबर के स्थगित की गई थी। वीरवार को यह मामला दूसरी बेंच को रेफर कर दिया गया।
जेबीटी भर्ती को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। एकल बेंच ने भर्ती में अनियमितताएं मानते हुए नई मेरिट लिस्ट बनाने का निर्देश दिया था। एकल बेंच ने कहा था कि इस मेरिट में जो नहीं आए, उन्हें नौकरी से हटा दिया जाए। इस फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दी गई थी। डिवीजन बेंच ने एकल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी थी। डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि वह अपने स्तर पर ही कोई बीच का रास्ता निकाले।
सरकार को दिए थे निर्देश
इस मामले में एक बार राज्य सरकार ने असमर्थता जताते हुए कोई निर्णय लेने पर हाथ खड़े कर दिए थे। सरकार ने हाईकोर्ट को ही कोई निर्णय देने का आग्रह करते हुए कहा था कि हाईकोर्ट का फैसला सरकार को मान्य होगा। तत्कालीन जस्टिस जसबीर सिंह की डिवीजन बेंच ने 15 जुलाई को हरियाणा सरकार से फैसला लेने को कहते हुए कहा था कि या तो जेबीटी को राहत दे या फिर समस्या केसमाधान को कोई ठोस नीति बनाए। बेंच ने कहा था कि नई मेरिट बनने से कई शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी, क्योंकि उनका सेवाकाल भी एक दशक से अधिक हो चुका है। वह बेरोजगार हो जाएंगे। इस पर राज्य सरकार कोई फैसला ले।