Tuesday, May 8, 2012

HTET : पात्र अध्यापकों की सामूहिक गिरफ्तारियां


HTET : पात्र अध्यापकों की सामूहिक गिरफ्तारियां


रोहतक : मांगों को लेकर पात्र अध्यापकों ने रविवार को रोहतक में महाबलिदान रैली की। सेक्टर-छह में हुई इस रैली के बाद सभी पात्र अध्यापकों ने जब आत्मदाह करने के लिए आइएमटी चौक की तरफ कदम बढ़ाए तो पुलिस ने उनको सामूहिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। उनको बसों में बैठाकर ले जाया गया। बाद में जमानत पर उनको छोड़ दिया गया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने ऐलान किया कि उनका संघर्ष मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। रविवार सुबह रैली की शुरुआत शहीद मंजीत मोर को श्रदांजलि अर्पित करते हुए की गई। रैली के मंच से सभी वक्ताओं ने नारेबाजी कर जमकर भड़ास निकाली। वहीं रैली स्थल पर भीएंबुलेंस, चिकित्सक दल, फायर ब्रिगेड व दंगा नियंत्रक वाहनों की सुविधा मुहैया कराई गई थी। संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि बिना पात्रता परीक्षा पास किए 4 वर्ष का शैक्षिक अनुभव रखने वाले शिक्षकों को अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करना अप्रत्यक्ष रूप से अतिथि अध्यापकों को नियमित करना है। सरकार के इसी फैसले के विरोध में रविवार को संघ के बैनर तले प्रदेश के पात्र अध्यापकों ने रैली में भाग लिया। उनकी सभी मांगे जायज हैं। वहीं पात्र अध्यापक संघ की महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली के कारण पात्र अध्यापकों को संघर्ष करना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांगे मानी नहीं जाती वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे








Saturday, May 5, 2012

HTET Haryana : पात्र अध्यापकों की बलिदान रैली आज


HTET Haryana : पात्र अध्यापकों की बलिदान रैली आज

रोहतक, जागरण संवाद केंद्र :

पात्र अध्यापक संघ की प्रदेश स्तरीय बलिदान रैली छह मई को रोहतक के सेक्टर छह के मैदान में होगी। प्रदेश भर के हजारों पात्र अध्यापक राजीव गांधी स्पोटर्स कांपलेक्स के सामने सुबह 10 बजे होगी।

संघ के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम अहलावत ने बताया कि महज शैक्षणिक अनुभव के आधार पर पात्रता परीक्षा में छूट देना एक लाख पात्र अध्यापकों के साथ धोखा है। 


पिछले चार साल से जो पात्र अध्यापक रोजगार के सपने देख रहे थे। उनके सपनों को प्रदेश सरकार ने चकनाचूर कर दिया। सर्विस रूल-2012 अध्यापकों की भर्ती के लिए काला कानून है। सरकार के इस फैसले व कानून के विरोध में रविवार को रोहतक में बलिदान रैली करेगा और इस कानून को वापस करवाकर ही दम लेगा। पात्र अध्यापक इस लड़ाई में अपना आत्मदाह करने को भी तैयार है। 

अहलावत ने कहा कि अब तक सरकार चार बार पात्रता परीक्षा आयोजित कर चुकी है। जिनमें पास एक लाख से भी अधिक पात्र अध्यापकों की फौज खड़ी है। लेकिन सरकार ने इन अध्यापक के रोजगार के प्रति गंभीर नहीं है। जिस सरकार ने पात्रता परीक्षा का नियम बनाया वही सरकार अब पात्रता परीक्षा में छूट देने पर मजबूर क्यों हुई। शिक्षा व्यवस्था में योग्यता प्राप्त करने में छूट देना उचित नहीं है। पात्र अध्यापक संघ सरकार के इस फैसले का विरोध करेगा। प्रदेश प्रवक्ता व जिला प्रधान प्रेम अहलावत ने कहा कि पात्र अध्यापक रोहतक रैली में बलिदान देने के लिए तैयार हैं। इसीलिए संघ सरकार से मांग करता है कि जल्द से जल्द स्थायी भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाए और इस भर्ती में सिर्फ पात्रता परीक्षा पास अध्यापकों को ही मौका मिले

News : Jagran (5.5.12)

Friday, May 4, 2012

HTET Haryana : पात्र अध्यापकों ने दी आत्मदाह की धमकी



HTET Haryana : पात्र अध्यापकों ने दी आत्मदाह की धमकी

भिवानी, 4 मई (हप्र)। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर लंबे समय से कार्यरत अतिथि अध्यापकों को 31 मार्च को पदमुक्त करने की बजाए उनको नई भर्ती में शामिल करने, उनके कार्यकाल को आगामी भर्ती तक बढ़ाने व शार्टसूचि को खत्म करने के विरोध में पात्र अध्यापक संघ के बैनर के नीचे प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग तीस हजार युवा कल 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करेंगे
पात्र अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार को अपने ये निर्णय वापस न लेने पर सरकार से सीधा संघर्ष करने की घोषणा की है।

यह बात हरियाणा पात्र अध्यापक संघ प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने केनाल विश्रामगृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार स्थाई भर्ती न करके कोर्ट की अवमानना के साथ-साथ पात्र शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। प्रदेश सरकार पहले तो पात्रता परीक्षा लेने से पीछे हट रही थी तो उनके आंदोलनों के चलते दबाव आया तो जानबूझ कर पात्रता परीक्षा आयोजित की लेकिन उत्तीर्ण युवाओं के लिए नई भर्तियों की घोषणा नहीं की है
उन्होंने बताया कि वे पात्र अध्यापकों की मांगों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी, केन्द्रिय शिक्षा प्रभारी मंत्री कपिल सिब्बल, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत करवाया लेकिन केवल कोरे आश्वासन ही मिल पाए हैं जिससे सरकार की शिक्षा नीति पर सवालिया निशान लग गया है
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजकीय विद्याालयों में भाषा सहित अन्य शिक्षकों के रिक्त पदों पर वर्ष 2005-2006 में मात्र एक सत्र के लिए दिल्ली व राजस्थान की तर्ज पर डीग्रीधारी शिक्षकों की भर्ती की थी लेकिन बाद में वे सरकार पर दबाव बनाते चल गए और सरकार भी उनको पदमुक्त कर उनके स्थान पर नई भर्ती नहीं कर पाई है जिससे तीन बार एक ही विषयों में पात्रता उत्तीर्ण कर चुके पात्रता धारकों में प्रदेश सरकार की लचर प्रणाली से रोष बना हुआ है। पात्र अध्यापक संघ ने दो वर्ष पूर्व ही हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अतिथि अध्यापकों की भर्ती में बरती गई अनिमियतताओं व सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर पर रोक लगाने की मांग की।
पात्र अध्यापक संघ ने कहा कि संघ ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को वापस लेने के लिए कल 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह करने का निर्णय लिया है जिसमें अब तक प्रदेश के लगभग तीस हजार पात्रता शिक्षकों ने पंजीकरण करवा लिया है और वे सभी पांच मई को रोहतक में पहुंच जाऐंगे। उनके साथ अनेक प्रदेश स्तरीय नेता मौजूद थे।


News : Denik Tribune ( 4.5.12)
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It is really tragic, Why Government conducted TET Exam and when qualified teachers  are available then why they are recruited.


I personally felt -
Suicide is not a good thing and alternatives should be used. In every state people are in state of confusion regarding TET exam (It is conducted to implement RTE to make qualified teachers and there are certain norms like weightage of TET marks in selection, But when it is not used select teachers then why TET exam)

Thursday, May 3, 2012

HTET : हड़बड़ाहट में बना दिए थे टीचर सर्विस रूल्स !



HTET : हड़बड़ाहट में बना दिए थे टीचर सर्विस रूल्स ! 


कर्मचारी संघों के विरोध पर वापस लिए नए नियम

•सर्कुलेशन से मंत्रियों के कराए थे हस्ताक्षर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तेरह साल पुराने हरियाणा स्टेट एजूकेशन स्कूल कैडर सर्विस रूल्स खत्म कर नए नियम बनाने में हरियाणा मंत्रिमंडल ने जितनी तेजी दिखाई, उतनी ही तेजी से नियमों में बदलाव का फैसला भी करना पड़ा। नियमों को लेकर सरकार की हड़बड़ाहट का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि नए नियमों को मंजूरी दिलाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक तक नहीं बुलाई गई, बल्कि सर्कुलेशन के जरिए मंत्रियों से एक-एक कर हस्ताक्षर कराए गए।
तेजी से बने नए नियमों में तीन मुख्य बातें पुराने नियमों से अलग थीं। पहली- चयनित टीचरों को रेगुलर नियुक्ति के बजाय कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा। एक-एक साल के कांट्रेक्ट पर पांच साल के बाद संतोषजनक सर्विस के आधार पर टीचरों को नियमित किया जाना था। कांट्रेक्ट के दौरान आधा वेतन, छुट्टियां समाप्त, प्रतिपूर्ति आदि भी कम थे। दूसरी- टीचर भरती के लिए टीचर एलिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पास की अनिवार्यता समाप्त कर चार साल का टीचिंग अनुभव जरूरी बनाया गया। तीसरी- कांट्रेक्ट की शर्तों में 12 सप्ताह से अधिक समय की गर्भवती महिला को प्रसूति के बाद ही ज्वाइन करवाना।
नए नियमों पर जब मंत्रियों के हस्ताक्षर करवा लिए गए, तब स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी टेस्ट से छूट देने के मामले की फाइल फिर से मंत्रिमंडल सचिव (मुख्य सचिव) के पास भेजी, क्योंकि केंद्र सरकार ने आरटीई के तहत टीचर नियुक्ति के लिए टेस्ट पास होना जरूरी कर दिया है। मुख्य सचिव ने यह फाइल मुख्यमंत्री के पास न भेजते हुए शिक्षा विभाग को लौटा दी और 11 अप्रैल को नए नियम अधिसूचित कर दिए गए।

अमर उजाला में जब नए नियमों के बारे में खबरें प्रकाशित हुई तो टीचर संघों ने नियमों का विरोध शुरू कर दिया। आखिर 12 दिन बाद सरकार ने रूल्स में संशोधन का फैसला कर नियमों को पलट दिया। ब सिर्फ टीईटी टेस्ट पास से छूट की शर्त बरकरार है, हालांकि इस बारे में भी प्रदेश के सवा लाख टेस्ट पास बेरोजगारों ने भी |धमकी दे रखी है कि नियम नहीं बदले जाने पर 6 मई को रोहतक में सामूहिक आत्मदाह किया जाएगा



News : Amar Ujala (3.5.12)
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Relaxation in HTET is still a problem and HTET qualified candidates candidates are heavily upset with this issue.

HTET : ठेके पर नहीं होगी टीचरों की नियुक्ति



HTET : ठेके पर नहीं होगी टीचरों की नियुक्ति


•हरियाणा में टीचर भरती नियमों में बदलाव
•शिक्षक संघ कर रहे थे भरती नीति का विरोध


•अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीचरों की नियुक्ति अब ठेके पर न होकर नियमित आधार पर होगी। 12 हफ्ते की गर्भवती आवेदकों को भी नियुक्ति देने का फैसला कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा स्टेट एजूकेशन स्कूल कैडर सर्विस रूल्स में इन दोनों शर्तों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में टीचर भरती नियमों में बदलाव के संबंध में अमर उजाला ने 21 अप्रैल को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रदेश में शिक्षक संघ नियमों में बदलाव का विरोध जताने लगे थे। शिक्षक संघों के दबाव को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन का फैसला लिया है। हालांकि टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) से दी गई छूट का फैसला अभी जस का तस है संशोधित किए गए दो नियमों को भी अभी अधिसूचित किया जाना है प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की नियुक्ति अनुबंध के बजाय नियमित तौर पर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 11 अप्रैल को नए नियम अधिसूचित किए थे। इसके तहत एक-एक साल करके पांच साल तक कांट्रेक्ट पर नियुक्ति करने के बाद टीचरों को नियमित किया जाना था। पांच साल तक टीचरों को केवल बेसिक पे और ग्रेड पे ही मिलने थे और छुट्टी भी सिर्फ एक महीने में एक ही मिलनी थी। अब रेगुलर नियुक्ति होने पर पहले दिन से पूरा वेतन मिलेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नियमों से उस शर्त को भी हटाने का फैसला किया है जिसमें 12 सप्ताह से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को प्रसूति से पहले कांट्रेक्ट पर नियुक्ति नहीं देना तय किया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा में गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए जल्द ही 15 हजार टीचरों की नियुक्ति की जाएगी।


News : Amar Ujala (2.5.12)

Tuesday, May 1, 2012

HTET : Haryana bends again, withdraws rule related to pregnant women


HTET : Haryana bends again, withdraws rule related to pregnant women

Regarding Recruitment of Teachers in Haryana : -

CHANDIGARH: Under fire from all the quarters, especially the aspirant teachers who have qualified Haryana Teacher eligibility test (HTET), the Haryana government on Tuesday struck off the condition wherein a woman candidate carrying 3 month or more pregnancy shall be held ineligible for recruitment of teacher.

While announcing this, the government also re-notified the announcement while saying that the teachers shall be recruited on regular basis instead of contractual basis as announced last month.

While mystery over Haryana government's decision of relaxing the norms related to HTET qualifying test for recruitment of teachers in the times of come. Demanding immediate withdrawl of this condition, the STET and HTET qualified teachers have threatened to resort to mass immolations on May 6.

It may be recalled that the Haryana chief minister Bhupinder Singh Hooda and his government were under fire from cross sections of society after it announced to disqualify the women candidates carrying a pregnancy of 3 and more months. Even as the aspirants were yet to come to the terms of this decision, the government had slapped another condition that the teachers shall be appointed on contract basis and their services shall be regularized after 5 years.

This clearly shows the rule of babudom in Haryana. The chief minister is just acting on an advice by the officers which is resulting into resentment among teaching faculty. Infact, the government's stand is changing more faster then the curriculam of government schools,'' Anil Vijh, the Ambala cantt MLA and leader of BJP legislative party in Haryana Vidhan Sabha said.

Though, the politicians categorically blamed Hooda and his team for lack of foresight in making announcement. They, however, kept mum when asked about their stand on the 17,000 guest teachers who are apparently protected by government after the Punjab and Haryana High Court had asked Haryana to relieve them.

News : Times of India (1.5.12)

HTET Haryana : छह मई पात्र अध्यापकों की आत्मदाह की चेतावनी


HTET Haryana : छह मई पात्र अध्यापकों की आत्मदाह की चेतावनी


रोहतक। सरकार की वादाखिलाफी और नई शिक्षक भर्ती नियम के विरोध में अब पात्र अध्यापक एक मई की बजाए छह मई को राजीव गांधी स्टेडियम में सामूहिक आत्मदाह करेंगे। दो से पांच मई तक प्रदेश के सभी विधायकों, मंत्रियों और सांसदों के निवास स्थान पर जाकर आत्मदाह के कारण बताएंगे


सोमवार को पात्र अध्यापक संघ की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि जो लगातार चार बार पात्रता परीक्षा में बैठकर इसे पास नहीं कर पाए उनको अध्यापक लगाकर सरकार हरियाणा शिक्षा व्यवस्था का जनाजा निकालने की तैयारी कर रही है। ये हरियाणा की जनता के लिए शुभ संकेत नहीं है


 उन्होंने कहा कि सरकार ने एक मई की रैली करने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण उनको रैली स्थगित करना पड़ी। उन्होंने बताया कि अब रैली छह मई को राजीव गांधी स्टेडियम में होगी। रैली के संघ के सदस्य सामूहिक रूप से आत्मदाह करेंगे। उन्होंने बताया कि संघ दो मई से पांच मई तक विधायक, मंत्रियों व सांसद से मिलकर रैली में पात्र अध्यापक द्वारा आत्मदाह किए जाने के कारणों के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद सरकार के इस काले कानून को वापिस लेने के लिए दबाए बनाने के लिए ज्ञापन दिया जाएगा।

News : Amar Ujala (1.5.12)